बस्तर जिले की जनांकिकीय प्रवृतियों का विष्लेष्णात्मक अध्ययन( 2001.2011)

 

डाॅ अर्चना सेठी

सहायक प्राध्यापक, अर्थशास्त्र अघ्ययनशाला, प्ंा रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालयए रायपुर ; गद्ध 492010

*Corresponding Author E-mail: archanasethi96@gmail.com

 

 

ABSTRACT:

छत्तीसगढ भारत का एक राज्य है। यह भारत का 26वां राज्य है।बस्तर भारत के छत्तीसगढ प्रदेश के दक्षिण दिशा में स्थित हैं। है। बस्तर जिला छत्तीसगढ प्रदेश के कोंडागांव सुकमा बीजापुर जिलों से घिरा है। बस्तर जिले की जनसंख्या 2011 में 1411644 ;कोंडागांव जिला शामिलद्ध है। जिसमें 697359 पुरुष एवं 714285 महिलाएं है।बस्तर जिले की कुल जनसंख्या जनगणना 2011 के अनुसार 14.1लाख है। जिसमें से 7 लाख पुरुष ;49ःद्ध एवं 7ण्1 लाख ;51ःद्ध महिला है।सामान्य जाति जनसंख्या 31 प्रतिशत अनुसूचित जाति जनसंख्या 3 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या 66 प्रतिशत है।बस्तर जिले की 86 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण अर्थात 12. 2 लाख जनसंख्या ग्रामीण एवं 14 प्रतिशत जनसंख्या शहरी अर्थात 1.9 लाख जनसंख्या शहरी है। जनगणना 2011 के अनुसार बस्तर जिले की 90ण्4 प्रतिशत जनसंख्या हिन्दू है। बस्तर जिले की जनगणना 2011 में 54ण्4 प्रतिशत जनसंख्या साक्षर हैै।पुरुष एवं महिला में साक्षरता अंतराल 20ण्5 प्रतिशत है। जनगणना 2011 में बस्तर जिले की 51ण्4 प्रतिशत जनसंख्या कार्यरत थी ं।

 

KEYWORDS: जनांकिकीय प्रवृतियों, विष्लेष्णात्मक अध्ययन

 

 


 

प्रस्तावना

छत्तीसगढ भारत का एक राज्य है।छत्तीसगढ राज्य का गठन 1 नवम्बर 2000 को हुआ था। यह भारत का 26वां राज्य है।बस्तर भारत के छत्तीसगढ प्रदेश के दक्षिण दिशा में स्थित हैं।बस्तर जिले एवं बस्तर संभाग का मुख्यालय जगदलपुर है।इसका क्षेत्रफल 4029ण्98 वर्ग कि मी है। बस्तर जिला छत्तीसगढ प्रदेश के कोंडागाांव सुकमा बीजापुर जिलों से घिरा है। बस्तर जिले की जनसंख्या 2011 में 1411644 ;कोंडागांव जिला शामिलद्ध है। जिसमें 697359 पुरुष एवं 714285 महिलाएं थी।बस्तर की जनसंख्या में  70 प्रतिशत जनजातीय समुदाय जैसे गाोंड मारिया मुरिया भतरा हल्बा धुरवा समुदाय है।बस्तर जिला को सात विकासखंड तहसील जगदलपुर बस्तर बकावंड लोहथन्दगुडा तोकापाल दरभा बास्तानार में विभाजित किया गया हे। बस्तर जिला सरल स्वभाव जनजातीय समुदाय और प्राकृतिक सम्पदा संपन्न प्राकृतिक सौंदर्य एवं सुखद वातावरण का भी धनी है।बस्तर जिला घने जंगलों उंची पहाडियों झरनों गुफाओं एवं वन्य प्राणियों से भरा हुआ है।बस्तर जिले के लोग दुर्लभ कलाकृति उदार संस्कृति एवं सहज सरल स्वभाव के धनी है।

                 

 

अध्ययन का उददेश्यरू

प्रस्तुत अध्ययन का निम्नलिखित उददेश्य है

1 बस्तर जिले की जनांकिकीय प्रवृतियों का अध्ययन करना।

2 बस्तर जिले की जनांकिकीय प्रवृतियों में परिवर्तन ;2001. 2011द्धका अध्ययन करना।

 

बस्तर जिले की कुल जनसंख्या एवं जनसंख्या वृद्धि

बस्तर जिले की कुल जनसंख्या जनगणना 2011 के अनुसार 14.1लाख है। जिसमें से 7 लाख पुरुष ;49ःद्ध एवं 7ण्1 लाख ;51ःद्ध महिला है।सामान्य जाति जनसंख्या 31 प्रतिशत अनुसूचित जाति जनसंख्या 3 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति जनसंख्या 66 प्रतिशत है। 0. 6  वर्ष जनसंख्या 15 प्रतिशत है जिसका 50 प्रतिशत पुरुष एवं 50 प्रतिशत महिला है।यहां 3ण्1लाख परिवार है तथा परिवार का औसत आकार 5 सदस्य है। 2001 जनगणना में 13.1 लाख थी जो 2011 में 17ण् 96 प्रतिशत बढ गई। यह वृद्धि 2001 की वृद्धि दर 18ण् 18 एवं राज्य के वृद्धि दर 20ण् 6 प्रतिशत से कम है।महिलाओं की जनसंख्या में 8.8 प्रतिशत वृद्धि हई तथा पुरुषों में 7ण्5 प्रतिशत वृद्धि हुई। जनगणना 2001 से 2011 के मध्य सामान्यजाति जनसंख्या में 10.4 प्रतिशत अनुसूचित जाति में 1.9 प्रतिशत जनजाति जनसंख्या में 7.5 प्रतिशत वृद्धि हुई।इसी अवधि में राज्य में जनजातियों की जनसंख्या में 18ण् 23 प्रतिशत की वृीद्ध हुई। जनगणना 2011 में जनसंख्या 1413199 थी जिसमें से 143456 सामान्य 37963 अनुसूचित जाति 931780 अनुसूचित जनजाति तथा 216713 जनसंख्या 0.6 आयु वर्ग की जनसंख्या 216713 थी। तालिका 1 2 रेखाचित्र 1 2 3

 

 ग्रामीण एवं नगरीय जनसंख्या

बस्तर जिले की 86 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण अर्थात 12. 2 लाख जनसंख्या ग्रामीण एवं 14 प्रतिशत जनसंख्या शहरी अर्थात 1. 9 लाख जनसंख्या शहरी है जो छत्तीसगढ राज्य के स्तर से कम है।इसका कारण घने जंगल एवं नक्सलवाद है।ग्रामीण जनसंख्या का घनत्व 118 एवं शहरी जनसंख्या का घनत्व 1096 ब्यक्ति प्रतिवर्ग किलोमीटर है।रेखाचित्र 4                  

                                            

धर्मानुसार जनसंख्या

जनगणना 2011 के अनुसार बस्तर जिले की 90ण्4 प्रतिशत जनसंख्या हिन्दू 0ण्87 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम 1ण्98 प्रतिशत जनसंख्या इसाइं धर्म 1ण्45 प्रतिशत जनसंख्या सिक्ख 0ण्7 प्र्रतिशत बौद्ध 0ण्25 प्रतिशत जैन 6ण्15 प्रतिशत अन्य धर्म को मानने वाले थे।तालिका 4 रेखाचित्र 5

 

 लिंगानुपात

जनगणना 2001 में बस्तर जिले में लिंगानुपात 1011 महिला प्रतिपुरुष था जो छत्तीसगढ राज्य 991 से बहुत अधिक है। सामान्यजाति में 992 महिला प्रति पुरुष  अनुसूचितजाति में 1012 महिला प्रति पुरुष था अनुसूचितजनजाति में 1020महिला प्रति पुरुष था 0. 6 आयुवर्ग में 1009 महिला प्रति पुरुष था।जनगणना 2011 में बस्तर जिले में लिंगानुपात 1023 महिला प्रतिपुरुष हैजो छत्तीसगढ राज्य के लिंगानुपात 991 से बहुत अधिक है सामान्यजाति में 990 अनुसूचितजाति में 1018 महिला प्रतिपुरुष है अनुसूचित जनजाति में 1040 महिला प्रतिपुरुष है।जो बहुत ही अच्छी स्थ्तिि है 0. 6 आयुवर्ग में 994 महिला प्रति पुरुष है।2001 से 2011 के मध्यजिले में लिगानुपात में 12 महिला प्रति 1000 पुरुषों के पीछे वृöि हुई।सामान्य जाति में लिगानुपात में 02 महिला प्रति 1000 पुरुषों के पीछे वृöि हुई।अनुुसूचित जाति में 06 महिला प्रति 1000 पुरुषों के पीछे वृöि हुई। अनुुसूचित जनजाति में 20 महिला प्रति 1000 पुरुषों के पीछे वृöि हुई।0 .6 आयुवर्ग में 15 महिला प्रति 1000 पुरुषों में कमी हुई। जो चिंताजनक है।तालिका 4 एवं रेखाचित्र 6

                                      

साक्षरता

बस्तर जिले की जनगणना 2011 में 54ण्4 प्रतिशत जनसंख्या साक्षर है पुरुषों का 64ण्8 प्रतिशत एवं महिलाओं का 44ण्3 प्रतिशत साक्षर है। जो छत्तीसगढ राज्य की महिला साक्षरता 60ण्59 प्रतिशत से बहुत कम है।इसका कारण आदिवासीयों में जागरुकता की कमी के साथ नक्सलवाद एवं वनों की अधिकता हैं।साक्षरता में पुरुषों में यह दशकीय वृöि 8ण्5 प्रतिशत एवं महिलाओं में 12ण्7 प्रतिशत है। बस्तर जिले की जनगणना 2001में 43ण्9 प्रतिशत जनसंख्या साक्षर था पुरुषों का 56ण्3 प्रतिशत एवं महिलाओं का 31ण्6 प्रतिशत साक्षर था।साक्षरता में दशकीय वृöि 10ण्5 प्रतिशत है।तालिका 5 एवं रेखाचित्र 6 2011 में पुरुष एवं महिला में साक्षरता अंतराल 20ण्5 प्रतिशत है।

 

कार्यशील जनसंख्या

जनगणना 2011 में बस्तर जिले की 51ण्4 प्रतिशत जनसंख्या कार्यरत थी जिसका 27ण्9 प्रतिशत मुख्य कार्यशील एवं 23ण्5 प्रतिशत सीमांत कार्यशील जनसंख्या थी।48ण्6 प्रतिशत जनसंख्या कार्यरत नहीं थी।पुरुषों का 57ण्9 प्रतिशत जनसंख्या कार्यरत थी जिसका 41ण्2 प्रतिशत मुख्य कार्यशील एवं 16ण्7 प्रतिशत सीमांत कार्यशील जनसंख्या थी 42ण्1 प्रतिशत जनसंख्या कार्यरत नहीं थी।महिलाओं की 45ण्1 प्रतिशत जनसंख्या कार्यरत थी जिसका 14ण्9 प्रतिशत मुख्य कार्यशील एवं 30ण्1 प्रतिशत सीमांत कार्यशील जनसंख्या थी 54ण्9 प्रतिशत जनसंख्या कार्यरत नहीं थी। महिलाओं का विकास होना अभी शेष है।

 

 

निष्कर्श

बस्तर जिला आदिवासी बहुल जिला है।जिसका विकास होना अभी शेष है।नक्सल प्रभावित जिला होने के कारण विकास के मार्ग मंे अनेक बाधाएं है। घना जंगल जहां आदिवासीयों की धरोहर है वहीं विकास में बाधक भी है।बस्तर जिला शिक्षा में अभी राज्य स्तर 71ण्04 प्रतिशत से बहुत पीछे 54ण्4 प्रतिशत  है।महिला साक्षरता में यह जिला और भी बहुत पीछे 44ण्3 प्रतिशत है।।पुरुष एवं महिला में साक्षरता अंतराल 20ण् 5 प्रतिशत है।साक्षरता एवं जागरुकता के द्धारा ही जिले का विकास संभव है।

 

संदर्भ

1 जनगणना 2001 एवं 2011

www.population in Basterdistrict.

3 त्रिपाठी एएस ण्एवं त्रिपाठी सीण् ;2008द्ध छत्तीसगढ वृहद संदर्भए उपकार प्रकाशन एआगरा. 2

 

 

 

Received on 24.04.2017                Modified on 25.09.2017

Accepted on 21.01.2018            © A&V Publications All right reserved

Int. J. Ad. Social Sciences. 2018; 6(1):30-34.